Test Post- मैं ओम ओझा, एक छोटा-सा स्विमिंग कोच हूँ। मेरा काम सिर्फ़ बच्चों को तैरना सिखाना नहीं है—मैं उन्हें डूबते आत्मविश्वास से निकालकर आगे बढ़ना सिखाता हूँ।
हमारा गांव Purai (दुर्ग) बहुतों के लिए सिर्फ़ एक नाम होगा, लेकिन मेरे लिए यह टैलेंट की खदान है। यहां ऐसे बच्चे हैं, जिनके पास हुनर है—पर संसाधन नहीं। जो सुबह-सुबह ठंडे पानी में उतरते हैं, क्योंकि उनके पास ट्रैक, जिम, प्रो-पूल नहीं है—बस उनका हौसला है।
कुछ समय पहले, हमारी 15 साल की बेटी चंद्रकला ने गांव के तालाब में लगातार 8 घंटे तैरकर रिकॉर्ड बनाया। यह रिकॉर्ड सिर्फ़ उसकी जीत नहीं थी—यह उस पूरे गांव के संघर्ष की जीत थी, जिसने वर्षों से एक ही सवाल के साथ मेहनत की:
“अगर मौके मिलें, तो क्या हम भी देश-दुनिया में नाम कर सकते हैं?”
लेकिन सच यह है—
रिकॉर्ड बनने के बाद भी, हमारी लड़ाई खत्म नहीं हुई।
क्योंकि तालाब में तैरना एक मजबूरी है, सुविधा नहीं।
तालाब में कोई स्टार्टिंग ब्लॉक नहीं, कोई लेन मार्किंग नहीं, कोई टाइमिंग सिस्टम नहीं।
कोई कंट्रोल्ड डेप्थ नहीं, सेफ्टी प्रोटोकॉल नहीं।
कभी पानी साफ़ नहीं होता, कभी मौसम साथ नहीं देता।
और सबसे बड़ी बात—टैलेंट को सही तकनीक और सुरक्षित अभ्यास नहीं मिल पाता।
मैंने कई बच्चों को देखा है—
जो राज्य स्तर तक पहुंचे, फिर वहीं रुक गए।
क्योंकि उनके पास वह इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं था, जो बड़े शहरों के बच्चों को मिलता है।
और जब कोई बच्चा आगे बढ़ने लगता है, तो परिवार की चिंता शुरू हो जाती है—
“ट्रेनिंग का खर्च? यात्रा? सुरक्षा? पढ़ाई?”
बहुत-से गरीब परिवारों के लिए यह सपना अधूरा रह जाता है।
इसीलिए मैं एक सपना देखता हूँ—
Purai में एक इंटरनेशनल-स्टैंडर्ड स्विमिंग पूल।
जहां ज़रूरतमंद और योग्य बच्चे सुरक्षित, वैज्ञानिक और प्रोफेशनल ट्रेनिंग ले सकें।
जहां लड़की हो या लड़का—किसी को भी पानी से डर नहीं, पानी से लक्ष्य मिले।
जहां हर स्टूडेंट को डिसिप्लिन, टाइमिंग, स्ट्रोक टेक्नीक, एंड्योरेंस—सबकुछ सही तरीके से सिखाया जा सके।
यह पूल सिर्फ़ एक निर्माण नहीं होगा।
यह एक सिस्टम होगा—जो टैलेंट को “मौके” में बदलेगा।
यह एक ऐसा “घर” होगा, जहां भविष्य के नेशनल/इंटरनेशनल स्विमर्स तैयार होंगे।
और सबसे बड़ी बात—यह उन बच्चों के लिए उम्मीद होगी, जिनके पास सपने तो हैं, पर साधन नहीं।
आज मैं आपसे मदद मांग रहा हूँ—
किसी एहसान के लिए नहीं, बल्कि एक निवेश के लिए:
युवा प्रतिभा पर निवेश।
स्वास्थ्य, फिटनेस और अनुशासन पर निवेश।
एक गांव से राष्ट्र के गौरव तक जाने वाली यात्रा पर निवेश।
अगर एक तालाब 8 घंटे का रिकॉर्ड दे सकता है,
तो सोचिए एक सही पूल हमारे बच्चों को क्या बना सकता है।
आइए—Purai के बच्चों के सपनों को “पंख” नहीं, “पूल” दें।
आपका छोटा-सा योगदान भी किसी बच्चे का भविष्य बदल सकता है।
